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बड़े होटलों से ठेला-कूंचों तक ज़हर का कारोबारगाढ़े-जले तेल में पक रहा जनता का नाश्ता, जनस्वास्थ्य खतरे में

रायपुर/राजनांदगांव।छत्तीसगढ़ में बड़े होटलों से लेकर गली-कूंचों और फुटपाथी ठेलों तक, खाद्य पदार्थों के निर्माण में बार-बार उपयोग किए जा रहे गाढ़े और जले हुए तेल से आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा है। चाऊमीन, मोमोज, मैगी, इडली-सांभर, बड़ा, समोसा, आलू गुंडा जैसे रोज़मर्रा के खाद्य पदार्थ इसी तेल में तैयार कर लोगों को परोसे जा रहे हैं, जो धीरे-धीरे ज़हर का रूप ले चुके हैं।
स्वाद और सस्तेपन के नाम पर उपयोग किया जा रहा यह तेल चिकित्सकीय दृष्टि से अत्यंत खतरनाक बताया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार बार-बार गर्म किया गया तेल ट्रांस-फैट, फ्री-रैडिकल्स और विषैले रासायनिक तत्वों में बदल जाता है, जिससे कैंसर, हृदय रोग, लीवर व किडनी डैमेज, उच्च रक्तचाप और पाचन तंत्र से जुड़ी अनेक गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि “यह समस्या केवल फुटपाथों तक सीमित नहीं है। बड़े होटल हों या छोटे ठेला-कूंचे, एक ही तेल को दिन-प्रतिदिन बार-बार गर्म कर जनता को खिलाया जा रहा है। यह सीधे-सीधे जनस्वास्थ्य के साथ अपराध है।”
उन्होंने स्पष्ट कहा कि फूड सेफ्टी विभाग की कार्रवाई केवल चुनिंदा बड़े होटलों तक सीमित रहना गंभीर लापरवाही है। वास्तव में सबसे अधिक उपभोक्ता श्रमिक, छात्र और निम्न-मध्यम वर्ग के लोग फुटपाथी ठेलों से भोजन करते हैं, जहां तेल की गुणवत्ता की लगभग कोई निगरानी नहीं होती।
कानून की अनदेखी बार-बार उपयोग किए गए गाढ़े तेल में खाद्य पदार्थ तैयार करना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का स्पष्ट उल्लंघन है।
धारा 26 के अंतर्गत असुरक्षित भोजन का निर्माण और विक्रय प्रतिबंधित है।
धारा 59 में जनस्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने वाले भोजन पर दंड का प्रावधान है।
इसके अलावा FSSAI की RUCO गाइडलाइंस के अनुसार 25 प्रतिशत से अधिक TPC (Total Polar Compounds) वाले तेल को खाद्य उपयोग से हटाना अनिवार्य है, बावजूद इसके ज़मीनी स्तर पर इन नियमों का पालन होता नजर नहीं आ रहा।
प्रेस रिपोर्टर क्लब की मांग
प्रेस रिपोर्टर क्लब ने फूड सेफ्टी विभाग से मांग की है कि—
बड़े होटलों और ठेला-कूंचों दोनों के यहां उपयोग किए जा रहे तेल के नियमित सैंपल लेकर जांच की जाए।
मानक से अधिक जले या गाढ़े तेल में बने खाद्य पदार्थों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए।
दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण एवं सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
आम जनता को जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में प्रेस रिपोर्टर क्लब प्रदेश के सभी जिलों में अपने जिला अध्यक्षों को निर्देशित कर इस मुद्दे पर जनस्वास्थ्य के हित में आंदोलनात्मक और कानूनी दबाव को और तेज करेगा।
“नाश्ते और भोजन के नाम पर जनता को ज़हर परोसने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। इसे रोकना फूड सेफ्टी विभाग की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है।”
— संजय सोनी, प्रदेश अध्यक्ष, प्रेस रिपोर्टर क्लब

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