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सरकारी निर्माण में गुणवत्ता पर उठे सवाल, प्रेस रिपोर्टर क्लब करेगा निगरानी – महेंद्र सोनी

राज्य में हो रहे सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश संरक्षक महेंद्र सोनी ने कहा है कि आज सरकार के पास सभी प्रकार के संसाधन, तकनीकी विशेषज्ञ और मॉनिटरिंग व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद निर्माण कार्यों में अपेक्षित गुणवत्ता दिखाई नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा कि किसी भी निर्माण कार्य में सरकार के पास इंजीनियर, एसडीओ, कार्यपालन अभियंता से लेकर चीफ इंजीनियर तक की पूरी निगरानी व्यवस्था होती है। निर्माण से पहले विस्तृत एस्टीमेट तैयार किया जाता है, बजट पास होता है और ठेकेदारों को कार्य सौंपा जाता है। इसके बावजूद अधिकांश सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता कमजोर दिखाई देती है, जिससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
महेंद्र सोनी ने कहा कि इसके विपरीत निजी क्षेत्र में सीमित संसाधनों और कम स्टाफ के बावजूद निर्माण कार्य बेहतर गुणवत्ता और मजबूती के साथ किए जाते हैं। निजी एजेंसियों के पास एक-दो इंजीनियर और कुछ मॉनिटरिंग कर्मचारी होते हैं, फिर भी उनके द्वारा किए गए निर्माण लंबे समय तक टिकाऊ और मजबूत साबित होते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी निर्माण कार्यों में कमीशनखोरी और लापरवाही के कारण गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिससे करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य टिकाऊ नहीं हो पाते। जनता भी अब सरकारी निर्माण की वास्तविक स्थिति से भली-भांति परिचित हो चुकी है।
प्रदेश संरक्षक महेंद्र सोनी ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार चाहती है कि सरकारी निर्माण कार्य मजबूत और गुणवत्तापूर्ण हों, तो ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की सख्त निगरानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों को नियमों के अनुसार कार्य करने के लिए बाध्य किया जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले समय में प्रेस रिपोर्टर क्लब की टीम स्वयं विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेगी और गुणवत्ता जांच कर संबंधित विभागों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग करेगी।
महेंद्र सोनी ने कहा कि सरकार यदि ठेकेदारों पर सख्ती से नियंत्रण रखे और मॉनिटरिंग व्यवस्था को मजबूत करे, तो सरकारी एजेंसियों द्वारा किए जा रहे निर्माण भी निजी क्षेत्र की तरह मजबूत और टिकाऊ हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की है, ताकि जनता के पैसे से होने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

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