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ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिबंधित दवाइयों की सप्लाई पर गंभीर सवाल, जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण चिकित्सकों तक प्रतिबंधित एवं उच्च जोखिम वाली दवाइयों की आपूर्ति का मामला सामने आना स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए अत्यंत गंभीर और चिंताजनक संकेत है। विश्वसनीय जानकारी के अनुसार कुछ दवा एजेंसियाँ स्वास्थ्य अधिनियम एवं औषधि कानूनों की खुली अनदेखी करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी दवाइयाँ पहुँचा रही हैं, जिनका उपयोग केवल पंजीकृत एवं प्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा ही किया जाना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की दवाइयों का अनियंत्रित और अवैध उपयोग आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक एवं घातक प्रभाव डाल सकता है। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।

प्रेस रिपोर्टर क्लब ने इस पूरे मामले को गंभीर जनहित का विषय बताते हुए शासन-प्रशासन से अपेक्षा की है कि इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषी दवा एजेंसियों एवं संबंधित व्यक्तियों पर औषधि कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।

प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि समय रहते इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन द्वारा स्वास्थ्य एवं औषधि निरीक्षक को लिखित शिकायत प्रस्तुत कर मामले को विधिसम्मत रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्लब जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ संघर्ष करता रहेगा।

यह मामला केवल नियम उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अंचलों में रहने वाले नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा एक संवेदनशील प्रश्न है, जिस पर शासन-प्रशासन की तत्परता और सख्त निर्णय अब अनिवार्य हो चुके हैं।

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