हल्दी–कुमकुम के साथ महिलाओं ने मांगी पति की दीर्घायु



मकर संक्रांति पर्व पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया
रायपुर।मकर संक्रांति के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ मराठी महिला मित्र मंडल, सेक्टर-2 द्वारा पारंपरिक हल्दी–कुमकुम कार्यक्रम का आयोजन सेक्टर-2 में हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन किया।
कार्यक्रम में महिलाओं ने गेहूं, बेर, तिल, फूल एवं फलों से सजी थालियों को दीया प्रज्वलित कर आकर्षक रूप दिया। साथ ही सुहाग सामग्री, चूड़ियां एवं सौंदर्य प्रसाधन उपहार स्वरूप भेंट किए गए। महाराष्ट्रीयन परंपरा के अनुसार आसपास एवं रिश्तेदारी की सुहागिन महिलाओं को आमंत्रित कर उन्हें हल्दी-कुमकुम लगाया गया तथा वान के रूप में छोटा उपहार भेंट किया गया। इस अवसर पर तिल और गुड़ से बने तिल के लड्डू भी वितरित किए गए।
महिला मित्र मंडल की सदस्यों उषा क्षीरसागर, प्रांजली क्षीरसागर, पार्वती पांडे, हेमा मिश्रा, कविता शुक्ला, रानी गजेंद्र सिन्हा, छाया मोरे, सुचिता रोकडे, संगीता ठाकरे, प्रतिभा सावरकर, उषा चौधरी, भारती चौधरी, सरिता वानखेडे सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय उपस्थिति रही।
आयोजकों ने बताया कि इस पर्व पर महिलाओं द्वारा घर में ही तिल के लड्डू बनाए जाते हैं तथा कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक उखाणे बोलने की परंपरा निभाई जाती है, जिसमें पति का नाम लेते हुए मंगलकामनाएं व्यक्त की जाती हैं। मकर संक्रांति पर तिल दान, सूर्य पूजन, उपवास और गुड़ दान का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन दान-पुण्य करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।



कार्यक्रम के समापन पर सभी महिलाओं ने एक-दूसरे को
“तीळ गुळ घ्या, गोड गोड बोला”
कहते हुए मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं।
