ग्राम सभाओं के सामाजिक अंकेक्षण को पंचायत निर्णय ऐप के माध्यम से ऑनलाइन संचालन में छत्तीसगढ़ ने देशभर में प्राप्त किया द्वितीय स्थान

सोशल ऑडिट में पारदर्शिता का नया युग, ‘पंचायत निर्णय ऐप’ बनेगा जवाबदेही का सशक्त माध्यम
रायपुर, 20 नवम्बर 2025
छत्तीसगढ़ ने डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में उत्कृष्टता साबित करते हुए ‘पंचायत निर्णय ऐप’ के क्रियान्वयन में देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं दक्षता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने ‘पंचायत निर्णय ऐप’ लॉन्च किया था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देशन में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए देश के कई डिजिटल राज्यों को पीछे छोड़ते हुए द्वितीय स्थान हासिल किया है।
प्रथम चरण में राज्यों को प्रत्येक विकासखंड की कम से कम एक ग्राम पंचायत की ग्राम सभा को ऐप के माध्यम से ऑनलाइन onboard करना था। छत्तीसगढ़ ने तेजी दिखाते हुए 11693 ग्राम पंचायतों में से 2409 पंचायतों की ग्राम सभा की कार्यवाही ऐप में सफलतापूर्वक अपलोड कर दी है।
पंचायत निर्णय ऐप : उद्देश्य और महत्व
भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य ग्राम पंचायतों की बैठकों से संबंधित निर्णयों, कार्यवाहियों और प्रस्तावों को डिजिटल रूप में सुरक्षित करना और उन्हें आम जनता के लिए सुलभ बनाना है।
छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने मिशन मोड में कार्य करते हुए इस ऐप के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया। राज्य की प्रत्येक पंचायत तक ई-गवर्नेंस का लाभ पहुँचाने की दिशा में यह उपलब्धि बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ऐप से ग्राम सभा की संपूर्ण जानकारी होगी ऑनलाइन
ऐप के माध्यम से सोशल ऑडिट से जुड़ी ग्राम सभा की सभी गतिविधियाँ — वीडियो, फोटो, दस्तावेज, कार्यवाही पंजी, उपस्थिति पंजी तथा पूर्व वित्तीय वर्ष के अंकेक्षण निष्कर्ष — ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे।
मीटिंग एजेंडा, आमंत्रित सदस्यों का पंजीकरण, बैठक की कोरम पूर्ति आदि सभी डेटा भी ऐप पर दर्ज होगा। यह जानकारी मनरेगा वेबसाइट पर रिपोर्ट में भी उपलब्ध रहेगी।
सोशल ऑडिट में पारदर्शिता
पहले ग्राम सभाओं की कार्यवाही हस्तलिखित रूप में होती थी, जिससे रिकॉर्ड में त्रुटियाँ या छूट संभव थी। ऐप के माध्यम से जियो-टैग्ड फोटो व वीडियो अनिवार्य रूप से अपलोड होंगे, जिससे वास्तविक बैठक की पुष्टि हो सकेगी।
ग्रामीणों की शिकायतें, सोशल ऑडिट के दौरान मिली अनियमितताएं और वित्तीय विसंगतियाँ रियल टाइम में दर्ज की जाएंगी, जिससे रिकॉर्ड में हेरफेर की संभावना समाप्त होगी।
ग्राम सभा के निर्णयों की सतत निगरानी
ग्राम सभा में लिए गए निर्णय ऐप पर अपलोड होंगे। उच्च अधिकारी सीधे ऐप से देख सकेंगे कि उन निर्णयों पर क्या कार्रवाई की जा रही है।
इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी, कागजी प्रक्रिया में कमी और पारदर्शिता में वृद्धि हुई है।
राष्ट्रीय तुलना में छत्तीसगढ़ आगे
तमिलनाडु : 72% ग्राम पंचायतों की सोशल ऑडिट कार्यवाही ऑनलाइन — प्रथम स्थान
छत्तीसगढ़ : 21% ग्राम पंचायतों की सोशल ऑडिट कार्यवाही ऐप पर — द्वितीय स्थान
सोशल ऑडिट इकाई में 46% पद रिक्त होने के बावजूद छत्तीसगढ़ ने आंध्रप्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, तेलंगाना सहित कई राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
नेताओं और अधिकारियों की प्रतिक्रियाएँ
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस उपलब्धि पर विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सुशासन और तकनीकी नवाचार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि समर्पित टीमवर्क और नियमित प्रशिक्षण का परिणाम है।
विभाग के सचिव भीम सिंह ने कहा कि मनरेगा में पारदर्शिता और सशक्त पंचायती राज व्यवस्था के लिए तकनीकी उपयोग आवश्यक है। ऐप से ग्राम सभाओं की हर आवाज दर्ज होगी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई के संचालक डॉ. जितेंद्र सिंगरौल ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। ऐप से ग्राम सभा के निर्णय फाइलों में दबकर नहीं रहेंगे, बल्कि डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे और उच्च स्तर पर निगरानी संभव होगी।
