विश्व गौरैया दिवस एवं वीरांगना रानी अवंती बाई बलिदान दिवस पर संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित

बालाघाट। इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय, बालाघाट में 20 मार्च 2026, शुक्रवार को विश्व गौरैया दिवस एवं वीरांगना के बलिदान दिवस के अवसर पर संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम दोपहर 3 बजे पुरातत्व संग्रहालय परिसर में संग्रहाध्यक्ष आचार्य डॉ. वीरेन्द्र सिंह गहरवार “वीर” की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आचार्य डॉ. वीरेन्द्र सिंह गहरवार ने कहा कि बदलते पर्यावरण, प्राकृतिक आपदाओं एवं ऋतु परिवर्तन के कारण गौरैया जैसे पक्षियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले सुबह-शाम पक्षियों की चहचहाहट और आकाश में उनका समूह देखना आम बात थी, लेकिन आज यह दृश्य दुर्लभ होता जा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए संग्रहालय परिसर के वृक्षों पर पक्षियों के लिए जल पात्र एवं दाना की व्यवस्था कर उन्हें संरक्षित करने का संदेश दिया गया।
संगोष्ठी के दौरान संस्थान के आय-व्यय पत्रक पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर श्रीमती शांता गौतम को “राष्ट्रीय अद्भुत विशिष्ट रत्न विद्श्री” सम्मान, कु. मन्नत गहरवार एवं कु. व्याख्या नाविक को “राष्ट्रीय पखर विद्श्री” स्मृति-चिन्ह से अलंकृत किया गया।
कार्यक्रम में वीरांगना रानी अवंती बाई के बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर राजेन्द्र कुमार ब्रम्हे, सतीश भारद्वाज, सुषमा नाविक, शांता गौतम, रविंद्र बिसेन, विनय परिहार, उमेश सैय्याम, साहिल कोरचे, बलिनन्दर चौहान सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और अपने विचार व्यक्त किए।
