Friday, February 13, 2026
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बिलासपुर में SSP रजनेश सिंह (IPS) के नेतृत्व में ‘चेतना’ अभियान बना जनजागरूकता का मजबूत माध्यम.. नशा उन्मूलन, बाल अपराध रोकथाम और सुरक्षित समाज के लिए बहुआयामी पहल जारी

बिलासपुर।जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, युवाओं को नशामुक्त जीवन की ओर प्रेरित करने तथा समाज में सकारात्मक वातावरण स्थापित करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह (IPS) के नेतृत्व में संचालित ‘चेतना’ अभियान निरंतर प्रभावी रूप से आगे बढ़ रहा है। यह अभियान केवल पुलिस की औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रहकर समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ते हुए अपराध मुक्त और जागरूक बिलासपुर के निर्माण की दिशा में एक जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है।

नशा उन्मूलन और अपराध नियंत्रण पर विशेष फोकस-

‘चेतना’ अभियान के अंतर्गत जिलेभर में नशा उन्मूलन और अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। SSP रजनेश सिंह के निर्देशन में अवैध शराब, गांजा, जुआ, सट्टा तथा अन्य अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाकर ऐसे तत्वों पर निगरानी रखी जा रही है जो समाज में अपराध और नशे को बढ़ावा देते हैं।इसके साथ ही स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं और नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे नशा और अपराध से दूर रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इस पहल से पुलिस और जनता के बीच विश्वास और सहयोग का वातावरण मजबूत हो रहा है।

बाल अपराध रोकथाम और युवाओं के लिए सकारात्मक पहल-

चेतना अभियान के तहत बाल अपराध की रोकथाम के लिए भी व्यापक रणनीति बनाई गई है। SSP रजनेश सिंह ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्कूलों और मोहल्लों में नियमित संवाद स्थापित करें, ताकि बच्चों और किशोरों को अपराध के दुष्परिणामों से अवगत कराया जा सके।
इसी क्रम में अभियान के 5वें चरण के अंतर्गत “आओ संवारें कल अपना” कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके तहत बच्चों और युवाओं के लिए निशुल्क खेल शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। फुटबॉल और वॉलीबॉल जैसे खेलों के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और टीम भावना का पाठ पढ़ाया जा रहा है। यह पहल युवाओं को नशे और अपराध से दूर रखते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

यातायात जागरूकता और सुरक्षित शहर की पहल-

चेतना अभियान में यातायात जागरूकता को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग और नशे में वाहन चलाने के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि जागरूक नागरिक ही सुरक्षित शहर की नींव होते हैं, इसलिए यातायात नियमों के पालन हेतु सामुदायिक सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

ग्रामीण और शहरी सुरक्षा के लिए मजबूत बीट प्रणाली-

जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बीट प्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। प्रत्येक बीट में नियुक्त अधिकारियों को क्षेत्र की जिम्मेदारी तय कर दी गई है, जिससे नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सके।बीट अधिकारी नियमित रूप से अपने क्षेत्र में भ्रमण कर स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित कर रहे हैं, जिससे अपराध की रोकथाम और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिल रही है। इस व्यवस्था से पुलिस की जवाबदेही बढ़ी है और आम जनता को भी सुरक्षा का विश्वास मिला है।

डीजे और ध्वनि प्रदूषण पर सख्त कार्रवाई-

ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए भी SSP रजनेश सिंह ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। बिना अनुमति के तेज ध्वनि में डीजे चलाने वाले वाहनों और आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत एक दर्जन से अधिक डीजे वाहनों को जब्त कर नियमों का उल्लंघन करने वालों को चेतावनी दी गई है।इस कार्रवाई से आम नागरिकों को राहत मिली है और शहर में शांति एवं अनुशासन का वातावरण मजबूत हुआ है।

थानों का औचक निरीक्षण और प्रशासनिक सुधार-

पुलिस प्रशासन में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए SSP रजनेश सिंह स्वयं थानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान लंबित विवेचनाओं के त्वरित निराकरण, शिकायतों के समयबद्ध समाधान और पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं।इस पहल से पुलिस व्यवस्था अधिक सक्रिय, जवाबदेह और जनहितैषी बन रही है।

पुलिस-जनता तालमेल से अपराध मुक्त समाज की ओर कदम-

SSP रजनेश सिंह (IPS) के दूरदर्शी नेतृत्व में संचालित ‘चेतना’ अभियान बिलासपुर जिले में शांति, सुरक्षा और जागरूकता का नया अध्याय लिख रहा है। नशा उन्मूलन, बाल अपराध रोकथाम, यातायात सुरक्षा, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर यह अभियान अपराध मुक्त, सुरक्षित और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

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