क्रांति ऋषि मैनेजर की मनमानी? जमीन गांव की, फायदा कंपनी का — रोजगार से वंचित ग्रामीणों का फूटा गुस्सालाल टोपी राजू सोनी,प्रेस रिपोर्टर क्लब छत्तीसगढ़ संयोजक

राजनांदगांव। ग्राम पंचायत जोरातराई में संचालित क्रस्ट कंपनी को लेकर ग्रामीणों और कंपनी प्रबंधन के बीच विवाद अब खुली टकराहट का रूप लेता नजर आ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने कंपनी के मैनेजर क्रांति ऋषि पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि रोजगार और विकास के नाम पर ली गई सैकड़ों एकड़ जमीन से गांव को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, क्रस्ट कंपनी ने करीब 200 एकड़ जमीन स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और पंचायत के समग्र विकास के वादे के साथ एनओसी के जरिए प्राप्त की थी। शुरुआती दौर में कंपनी ने कुछ बुनियादी सुविधाएं देकर विश्वास कायम किया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि मैनेजर क्रांति ऋषि के कार्यभार संभालने के बाद कंपनी और गांव के संबंधों में खटास आ गई।
ग्रामीणों का दावा है कि बीते कुछ वर्षों में कंपनी ने भारी मुनाफा कमाने के बाद अपना संचालन दूसरी कंपनी को सौंप दिया, जिसकी जानकारी पंचायत को औपचारिक रूप से नहीं दी गई। वर्तमान में स्थिति यह बताई जा रही है कि जोरातराई, मुढ़ीपार और मनगटा के कई स्थानीय युवक रोजगार की मांग लेकर कंपनी पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें काम नहीं दिया जा रहा।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि मूल एनओसी क्रस्ट कंपनी के नाम पर जारी की गई थी, जबकि वर्तमान में संचालित कंपनी की वैधानिक स्थिति स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, कंपनी के कब्जे में 300 एकड़ से अधिक भूमि होने का दावा किया जा रहा है, जिसमें कथित तौर पर लगभग 5 एकड़ चारागाह भूमि भी शामिल है। इकरारनामे में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में सहयोग का वादा किया गया था, जिसे लेकर ग्रामीण असंतोष जता रहे हैं।
इस मामले को लेकर पंचायत सरपंच एवं ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत को मिलने वाले टैक्स और अन्य वैधानिक लाभों की भी अनदेखी की जा रही है।
ग्रामीण प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने कंपनी प्रबंधन से मुलाकात कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया था। मैनेजर द्वारा जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है, जिससे नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे। फिलहाल इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की भूमिका पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
प्रेस रिपोर्टर क्लब छत्तीसगढ़ के संयोजक लाल टोपी राजू सोनी ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पंचायत के अधिकारों और स्थानीय हितों की रक्षा सुनिश्चित करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
