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झाड़-फूंक से सोनोग्राफी तक: ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में खतरनाक भ्रम का जाल?

राजनांदगांव।जिले के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक गंभीर और चिंताजनक स्थिति उभरती दिखाई दे रही है। झाड़-फूंक एवं तंत्र-मंत्र के नाम पर इलाज का दावा करने वाले कुछ कथित बैगा-ओझा एवं उनसे जुड़े व्यक्तियों द्वारा ग्रामीणों को सोनोग्राफी, सिटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांचों के लिए भेजे जाने की सूचनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिसने पूरे तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रेस रिपोर्टर क्लब की टीम द्वारा गांव-गांव की जा रही पड़ताल में ऐसी पर्चियां और रिपोर्ट देखी गई हैं, जिनमें जांच लिखने वाले व्यक्ति का स्पष्ट चिकित्सकीय पंजीकरण, नाम अथवा वैधानिक विवरण अंकित नहीं पाया गया। इन पर्चियों के आधार पर मरीजों का निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों तक पहुंचना स्वास्थ्य प्रणाली में गंभीर खामियों की ओर संकेत करता है।
हालांकि, प्रेस रिपोर्टर क्लब यह स्पष्ट करता है कि किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराने का दावा नहीं किया जा रहा है, लेकिन जो तथ्य और दस्तावेज़ सामने आए हैं, वे तत्काल प्रशासनिक जांच की मांग करते हैं।
इस पूरे विषय पर प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने सख्त शब्दों में कहा—
“यदि गैर-पंजीकृत या पारंपरिक उपचार से जुड़े व्यक्तियों के कहने पर मेडिकल जांचें कराई जा रही हैं, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि एक गंभीर प्रशासनिक चूक मानी जाएगी। ऐसे मामलों की गहराई से जांच होना जरूरी है, ताकि ग्रामीण जनता भ्रम और आर्थिक शोषण से बच सके।”
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सोनोग्राफी जैसी संवेदनशील जांचों के लिए स्पष्ट चिकित्सकीय रेफरल, निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन अनिवार्य है। यदि कहीं भी इस प्रक्रिया में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिनियमों के तहत जांच और कार्रवाई का प्रावधान मौजूद है।
प्रेस रिपोर्टर क्लब ने बताया कि अभियान के दौरान एकत्र की गई तथ्यात्मक जानकारियां, पर्चियां और रिपोर्ट शीघ्र ही स्वास्थ्य विभाग, CMHO एवं जिला प्रशासन को सौंपी जाएंगी। क्लब ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो यह विषय जनहित से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन सकता है।
यह अभियान किसी को बदनाम करने के लिए नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनजागरूकता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

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