एमसीबी जिले में महिलाओं का दबदबा, प्रशासन और जनप्रतिनिधि मोर्चे पर मजबूत स्थितिसुरक्षा से विकास तक महिलाओं की कमान से बदल रही प्रशासनिक तस्वीर

नवगठित जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) प्रशासन और जनप्रतिनिधित्व दोनों क्षेत्रों में नारी शक्ति के प्रभावी नेतृत्व का सशक्त उदाहरण बन चुका है। जिले में वर्तमान में 15 महिला प्रशासनिक अधिकारी तथा 6 निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाते हुए उत्कृष्ट कार्यकुशलता, संवेदनशीलता और समर्पण का परिचय दे रही हैं। महिलाओं की यह सक्रिय भूमिका जिले में सुशासन, सुरक्षा और विकास कार्यों को नई दिशा प्रदान कर रही है।
प्रशासनिक जिम्मेदारियां
कानून-व्यवस्था की कमान महिला पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के नेतृत्व में मजबूत और सुदृढ़ रूप से संचालित हो रही है। वहीं जिला स्तर पर विभिन्न विकास योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों की प्रभावी निगरानी जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम के द्वारा की जा रही है। प्रशासनिक पदों पर दायित्व निभा रहीं कई अन्य महिला अधिकारी—नम्रता आनंद डोंगरे (अपर कलेक्टर), इंद्रा मिश्रा (एसडीएम केल्हारी), शशिकला पैकरा (जिला आबकारी अधिकारी), अंकिता मरकाम (सहायक आयुक्त आदिवासी विकास), श्रुति धुर्वे (तहसीलदार मनेंद्रगढ़), उमंग जैन (तहसीलदार), सतरूपा साहू (तहसीलदार केल्हारी), सिद्धि गबेल (तहसीलदार खड़गवां), वैशाली सिंह (सीईओ जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़), अंजना वाइकिल्फ (सीएमओ नगर पंचायत लेदरी), दीपिका मिंज (सीएसपी चिरमिरी), तरशीला टोप्पो (डीएसपी) तथा विनीता चौरासे (जिला विपणन अधिकारी) अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन अत्यंत दक्षता और निष्ठा के साथ कर रही हैं।
महिला जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
राजनीतिक स्तर पर भी महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति एमसीबी जिले के जनप्रतिनिधित्व को सशक्त बनाती है। जिले में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों—जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, जनपद अध्यक्ष खड़गवां श्याम बाई मरकाम, जनपद अध्यक्ष मनेंद्रगढ़ जानकी बाई कुसरो, नगर पालिका अध्यक्ष मनेंद्रगढ़ प्रतिमा यादव, नगर पंचायत झगराखंड अध्यक्ष ललिता यादव और नगर पंचायत चिरमिरी अध्यक्ष रीमा यादव—द्वारा जनहित के कार्यों, बुनियादी सुविधाओं के विकास, महिलाओं और बच्चों के कल्याण तथा सामाजिक उत्थान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नारी नेतृत्व का यह मजबूत तंत्र एमसीबी जिले को प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और जनसेवा के उत्कृष्ट मॉडल के रूप में स्थापित कर रहा है। आज एमसीबी जिले में महिलाएं न केवल महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं, बल्कि अपने कौशल, समर्पण और संवेदनशील दृष्टिकोण से जिले के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।
