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शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए शिक्षा समिति के अध्यक्ष द्वारा सघन निरीक्षण

जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने की बड़ी कवायद

15 नवंबर से जिले में शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत शासन ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की पहल शुरू की है। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को दी जा रही शिक्षा संबंधी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करना है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की संयुक्त निरीक्षण टीमें सभी विद्यालयों में पहुंचकर जमीनी स्तर पर जांच कर रही हैं।

इसी क्रम में जिला पंचायत के उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति के अध्यक्ष गगन जयपुरिया ने शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक रोगदा, शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक गोविंदा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक रोगदा–धाराशिव, शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक रोगदा–धाराशिव, शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक कन्या शाला पोडीशंकर, भाटापारा सहित कुल नौ शासकीय विद्यालयों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जयपुरिया ने पाया कि कई विद्यालय सुबह तय समय पर खुले नहीं थे। वहीं कुछ स्थानों पर शिक्षक मौजूद थे, लेकिन संख्या बेहद कम रही। उन्होंने विद्यालय उपस्थिति पंजी की जांच की और बच्चों के बीच जाकर शिक्षा के स्तर का आकलन भी किया।

मीडिया से चर्चा करते हुए जयपुरिया ने कहा कि इस निरीक्षण का उद्देश्य कमियों को उजागर करना नहीं है, बल्कि यह बताना है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर कितनी गंभीर है। यह अभियान किसी कर्मचारी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि सभी को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि हम ही अपने कर्तव्यों से पीछे हटेंगे, तो देश की शिक्षा व्यवस्था कैसे मजबूत होगी। मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही लोकतंत्र की नींव को सुदृढ़ बनाती है।

जयपुरिया ने स्कूलों की आधारभूत समस्याओं की जानकारी भी ली और आम नागरिकों से अपील की कि वे विद्यालयों में जाकर शिक्षा व्यवस्था के सुचारू संचालन में सहयोग करें। क्षेत्रवासियों ने भी इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ऐसे पहल से शिक्षा व्यवस्था निश्चित रूप से मजबूत होगी।

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