महिला सशक्तिकरण की ओर ऐतिहासिक कदम: अब आत्मरक्षा में प्रशिक्षित होंगी बालोद की महिलाएंहिंद सेना के प्रदेश मुख्य संयोजक तरुण नाथ योगी , सहभागी मोनिका साहू व नूतन साहू की पहल, निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण से बढ़ेगा आत्मविश्वास और सुरक्षा का स्तर

बालोद।वर्तमान दौर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों ने समाज को गंभीर चिंता में डाल दिया है। ऐसे समय में महिलाओं की सुरक्षा केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित न रहकर स्वयं महिलाओं की सजगता और आत्मनिर्भरता पर भी निर्भर हो गई है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए समाजसेवी संगठन हिंद सेना द्वारा एक अत्यंत सराहनीय और दूरदर्शी पहल की शुरुआत की जा रही है, जिसके अंतर्गत महिला कर्मचारियों को निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना को साकार रूप देने में मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षक नूतन साहू की महत्वपूर्ण भूमिका है, जो वर्षों से युवाओं और महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रेरित करते आ रहे हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग, महाविद्यालयों तथा अन्य संबंधित संस्थानों से आवश्यक अनुमति प्राप्त होते ही जिलेभर में चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिलाओं को 15 से 20 अत्यंत प्रभावी और व्यावहारिक आत्मरक्षा तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इन तकनीकों को इस प्रकार तैयार किया गया है कि महिलाएं किसी भी आपात स्थिति में बिना किसी विशेष उपकरण के स्वयं की रक्षा कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान मानसिक सशक्तिकरण, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और संकट की घड़ी में आत्मविश्वास बनाए रखने जैसे पहलुओं पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
नूतन साहू ने बताया कि यह प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क रहेगा, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाएं भी इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि “हमारा उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास, साहस और सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करना है, जिससे वे न केवल अपनी रक्षा कर सकें, बल्कि समाज में अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन सकें।”
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को मार्शल आर्ट्स की विभिन्न विधाओं से भी परिचित कराया जाएगा। विशेष रूप से ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से जु-जित्सू मार्शल आर्ट्स की उन्नत तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे बालोद जिले की प्रतिभाशाली महिलाएं राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगी और जिले का नाम रोशन करेंगी।
तरुण नाथ योगी ने बताया की आगे इस पहल के माध्यम से एक मजबूत और आत्मनिर्भर महिला समाज का निर्माण करना लक्ष्य है, जहां महिलाएं किसी भी प्रकार के भय या असुरक्षा की भावना से मुक्त होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।
नूतन साहू ने इस प्रेरणादायक पहल का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों तथा अपने मार्शल आर्ट्स गुरु परम आदरणीय श्री एस.पी. शांडिल्य को दिया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद के बिना यह संभव नहीं हो पाता।
इस अभियान को गति देने में हिंद सेना के प्रदेश मुख्य संयोजक तरुण नाथ योगी की अहम भूमिका रही उनकी सहभागी मोनिका साहू व अन्य सहपाठी गण, उनके नेतृत्व और सक्रिय पहल के कारण यह योजना अब जमीनी स्तर पर आकार ले रही है। संगठन का प्रयास है कि इस अभियान को केवल शासकीय कार्यालयों तक सीमित न रखकर समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जाए।
आगामी समय में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तार करते हुए कॉलेज एवं आई टी आई की छात्राओं, निजी संस्थानों में कार्यरत महिलाओं, दुकानों और मॉल में काम करने वाली युवतियों को भी इससे जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक और प्रशिक्षित किया जाएगा।
यह पहल निश्चित रूप से महिला सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कदम है। इससे न केवल महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे समाज में एक सशक्त, जागरूक और आत्मनिर्भर नागरिक के रूप में अपनी भूमिका को और अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकेंगी।
आज की युवा पीढ़ी के लिए यह बात एक मिसाल कायम करने वाली बात है जिससे युवाओं व युवतियों को एक दूसरे की मदद व सराहना मिले सब अपनी रक्षा स्वयं करने मे सक्षम हो पाये।
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