पत्रकारों के हक की जमीन क्रिकेट एसोसिएशन को! न्याय की लड़ाई के लिए हाईकोर्ट पहुंचेगा प्रेस रिपोर्टर क्लब

राजनांदगांव।राजनांदगांव जिले में पत्रकारों के लिए प्रस्तावित जमीन को राज्य शासन द्वारा क्रिकेट एसोसिएशन को आवंटित किए जाने के निर्णय ने जिले के पत्रकार समुदाय में तीव्र आक्रोश पैदा कर दिया है। छोटे, मझोले और ईमानदारी से पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों के लिए वर्षों से जिस जमीन की उम्मीद की जा रही थी, वही जमीन अब क्रिकेट एसोसिएशन को दिए जाने से पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।
राजनांदगांव के अनेक पत्रकार पिछले तीन से चार दशकों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। कई पत्रकार ऐसे हैं जिन्होंने 30 से 40 वर्षों तक लगातार पत्रकारिता करते हुए समाज और शासन-प्रशासन के बीच सेतु का कार्य किया, भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं को उजागर किया तथा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे पत्रकार लंबे समय से इस उम्मीद में थे कि शासन द्वारा उन्हें भी आवासीय जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनके जीवन में कुछ स्थिरता आ सके।
जानकारी के अनुसार पत्रकार संगठनों द्वारा इस जमीन के लिए विधिवत आवेदन प्रस्तुत किए गए थे और जमीन आवंटन से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था। जब यह जानकारी सामने आई कि उक्त जमीन क्रिकेट एसोसिएशन को देने की तैयारी की जा रही है, तब पत्रकार संगठनों ने इसके खिलाफ आपत्तियाँ भी दर्ज कराईं और शासन-प्रशासन से आग्रह किया कि पत्रकारों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
इसके बावजूद हाल ही में हुई राज्य शासन की कैबिनेट बैठक में उक्त जमीन को क्रिकेट एसोसिएशन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इस निर्णय को पत्रकारों ने पत्रकार समाज के साथ अन्याय और उपेक्षा बताया है। पत्रकारों का कहना है कि जिन लोगों ने वर्षों तक पत्रकारिता के माध्यम से समाज और लोकतंत्र की सेवा की, आज वही लोग अपने बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हो गए हैं।
इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने कहा कि पत्रकारों के साथ इस प्रकार का अन्याय किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों ने नियमों का पालन करते हुए जमीन के लिए आवेदन किया था और अपनी आपत्तियाँ भी शासन के समक्ष रखी थीं, लेकिन उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
संजय सोनी ने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों की अनदेखी कर जिस प्रकार से जमीन क्रिकेट एसोसिएशन को आवंटित की गई है, वह कई गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि पत्रकारों के हितों को इस तरह से दरकिनार किया जाएगा तो प्रेस रिपोर्टर क्लब इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने बताया कि प्रेस रिपोर्टर क्लब इस मामले को लेकर जल्द ही राजनांदगांव कलेक्टर से मुलाकात कर विस्तृत शिकायत प्रस्तुत करेगा और पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग करेगा। साथ ही यदि प्रशासनिक स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो संगठन हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रेस रिपोर्टर क्लब पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करता रहा है और आगे भी करता रहेगा। पत्रकारों के हक की इस लड़ाई को न्यायालय तक ले जाया जाएगा और जब तक पत्रकारों को उनका उचित अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
संजय सोनी ने अंत में कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की आवाज होते हैं और उनके अधिकारों की अनदेखी लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। प्रेस रिपोर्टर क्लब न्यायालय के समक्ष पूरे तथ्य और दस्तावेज प्रस्तुत करेगा और उम्मीद करता है कि न्यायालय के माध्यम से पत्रकारों को न्याय अवश्य मिलेगा तथा उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।
