Tuesday, February 17, 2026
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संजीवनी हॉस्पिटल में उपचार के दौरान लोकेश साहू की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल – प्रेस रिपोर्टर क्लब का कड़ा रुख

राजनांदगांव जिले में इलाज के दौरान लोकेश साहू (निवासी – अंबागढ़ चौकी) की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। परिजनों द्वारा उपचार में लापरवाही और समय पर उचित जांच व चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद अस्पताल में विरोध और हंगामा भी हुआ, जिसने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
इस गंभीर मामले को लेकर प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने कड़ा और आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि यदि अस्पतालों में लापरवाही के कारण आम नागरिकों की जान जाती रही तो यह सीधे-सीधे मानवाधिकार हनन और चिकित्सा व्यवस्था की विफलता है।
🔴 स्वास्थ्य अधिनियम का उल्लंघन – जांच जरूरी
प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने कहा कि भारत में संचालित सभी निजी अस्पतालों को क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 तथा राज्य स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार पंजीयन, सुविधाएं और मानक बनाए रखना अनिवार्य है।
यदि किसी अस्पताल में:
आवश्यक जांच व उपचार में देरी होती है
पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होती
या मरीज को समय पर उचित उपचार नहीं दिया जाता
तो यह Clinical Establishment Act, Consumer Protection Act तथा भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के अंतर्गत गंभीर लापरवाही मानी जाती है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि किसी भी अस्पताल द्वारा नियमों की अनदेखी कर इलाज किया जा रहा है तो स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वह तत्काल निरीक्षण कर कार्रवाई करे।
🔴 प्रेस रिपोर्टर क्लब का तीखा बयान
“राजनांदगांव सहित पूरे प्रदेश में कई निजी अस्पताल नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं। लोकेश साहू की मौत एक चेतावनी है कि यदि स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते सख्ती नहीं दिखाई तो आम जनता की जान जोखिम में पड़ती रहेगी। किसी भी अस्पताल को मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।”
🔴 प्रमुख मांगें – अब कार्रवाई नहीं तो आंदोलन
प्रेस रिपोर्टर क्लब प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने शासन-प्रशासन से तत्काल मांग की है:
लोकेश साहू की मौत की उच्च स्तरीय न्यायिक एवं चिकित्सकीय जांच कराई जाए।
उपचार में लापरवाही पाए जाने पर अस्पताल प्रबंधन व जिम्मेदार डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज की जाए।
पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा व एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
संजीवनी हॉस्पिटल सहित जिले के सभी निजी अस्पतालों की मान्यता, पंजीयन व सुविधाओं की जांच की जाए।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
🔴 7 दिन का अल्टीमेटम
प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने चेतावनी देते हुए कहा:
“यदि 7 दिनों के भीतर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो प्रेस रिपोर्टर क्लब पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगा। पत्रकार समाज जनता की आवाज है और जनता के जीवन से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
🔴 जनता की सुरक्षा सर्वोपरि
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना ही लोकेश साहू को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अब समय आ गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई हो।
जारीकर्ता:
प्रेस रिपोर्टर क्लब
प्रदेश अध्यक्ष – संजय सोनी

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